मुख्य सामग्री पर जाएँ
आचार्य त्रिभुवनAcharya Tribhuvan Ji Maharaj

आचार्य त्रिभुवन जी महाराज द्वारा कथा वाचन

गाजियाबाद में भागवत कथा वाचक की खोज है? अपने मंदिर, समिति या पारिवारिक अवसर के लिए आचार्य त्रिभुवन जी महाराज को आमंत्रित करें और प्रस्तावित तिथियाँ, स्थान एवं अनुमानित श्रोता संख्या भेजें।

कथा एवं प्रवचन

जैसा आधिकारिक YouTube चैनल पर प्रस्तुत है।

सफ़ेद कुर्ते और कढ़ाईदार शॉल में आचार्य त्रिभुवन जी महाराज

कथा आयोजन की योजना

प्रत्येक कथा की योजना आयोजन समिति के साथ बनाई जाती है — दिनों की संख्या, प्रतिदिन का समय, मंच एवं ध्वनि व्यवस्था, तथा कलश यात्रा या पूर्णाहुति हवन जैसे संबंधित अनुष्ठान।

अनुरोध में बताना उपयोगी होगा

  • प्रस्तावित आरंभ तिथि एवं दिनों की संख्या
  • आयोजन स्थल का नाम, क्षेत्र एवं शहर
  • अनुमानित श्रोता संख्या
  • मंच, ध्वनि एवं बैठने की व्यवस्था
  • क्या कथा का सीधा प्रसारण होगा
  • आयोजन समिति के संपर्क व्यक्ति

गाजियाबाद से बाहर के कार्यक्रमों के लिए यात्रा एवं ठहरने की व्यवस्था पर आयोजकों से चर्चा की जाती है।

YouTube पर कथा देखें

आधिकारिक चैनल से प्रवचन एवं सीधे प्रसारण।

प्ले दबाने के बाद ही YouTube (youtube-nocookie.com) से प्लेयर लोड होगा।

YouTube पर देखें

कथा वाचन आयोजन अनुरोध

प्रस्तावित तिथियाँ, स्थान एवं श्रोता संख्या बताएँ। उपलब्धता एवं दक्षिणा पर आयोजकों से व्यक्तिगत चर्चा की जाती है।

* चिह्नित जानकारी आवश्यक है।

10 अंकों का भारतीय मोबाइल नंबर। भारत से बाहर हों तो देश कोड सहित लिखें।
केवल आपकी पसंद — अंतिम तिथि आपसे बात करके तय होगी।
अनुमानित श्रोता संख्या (आवश्यक)
जैसे: प्रतिदिन का समय, मंच एवं ध्वनि व्यवस्था, सीधा प्रसारण या यात्रा व्यवस्था।

WhatsApp आपके विवरण पहले से लिखे हुए खुलेगा। बस भेजें (Send) दबाएँ। अनुरोध पुष्ट बुकिंग नहीं है।

  • ज्योतिष परामर्श

    कुंडली एवं जन्मपत्री पर आधारित परामर्श, पारंपरिक एवं स्पष्ट मार्गदर्शन के साथ। ऑनलाइन या प्रत्यक्ष सत्र का अनुरोध करें।

  • हस्तरेखा परामर्श

    हाथ की रेखाओं, पर्वतों एवं आकृति का पारंपरिक अध्ययन, सरल शब्दों में।

  • पूजा-पाठ, हवन एवं अनुष्ठान

    आपके घर, मंदिर या आयोजन स्थल पर विधि-विधान से पूजा-पाठ, हवन एवं अनुष्ठान।

  • धार्मिक संस्कार

    गृह प्रवेश, विवाह संस्कार एवं अन्य पारिवारिक संस्कार — आपके परिवार की तिथि एवं परंपरा के अनुसार।